चीन को बड़ा झटका- भारत में लैपटॉप, टैबलेट और कंप्यूटर के आयात पर बैन
भारत में मेक इन इंडिया पर जोर दिया जा रहा है। एचएसएन 8741 के अंतर्गत आने वाले अल्ट्रा स्मॉल फॉर्म फैक्टर कंप्यूटर और सर्वर के आयात पर भी पाबंदी लगाई गई है।
नई दिल्ली, जनजागरुकता डेस्क। केन्द्र में बैठी मोदी सरकार ने लैपटॉप, टैबलेट और कंप्यूटर के आयात पर तत्काल प्रभाव से पाबंदी लगा दी है। इस कदम का मकसद चीन जैसे देशों से आयात घटाना है। विदेश व्यापार महानिदेशालय द्वारा जारी नोटिस के अनुसार, "वैध लाइसेंस के आधार पर इन चीजों के सीमित आयात की अनुमति दी जाएगी।
एचएसएन 8741के अंतर्गत आने वाले अल्ट्रा स्मॉल फॉर्म फैक्टर कंप्यूटर और सर्वर के आयात पर भी पाबंदी लगाई गई है। सरकार ने यह फैसला मेक इन इंडिया को बढ़ावा देने के उद्देश्य से लिया है।
फैसले से चीन सहित कई देशों की कंपनियों को झटका
बता दें कि सैमसंग, डेल, एसर, लेनोवो, एलजी, पैनासोनिक और एपल इंक तक के लैपटॉप भारत में बिक्री के लिए चीन जैसे देशों से आयात किए जाते हैं। सरकार के इस फैसले से इन कंपनियों को बड़ा झटका लगा है। यहां ध्यान देने वाली बात यह है कि सरकार ने यह फैसला ऐसे वक्त पर लिया है जब मेक इन इंडिया पर पूरा जोर दिया जा रहा है।
यह एक सकारात्मक फैसला- अली अख्तर जाफरी
इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन ऑफ इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी के पूर्व महानिदेशक अली अख्तर जाफरी ने कहा, "इस कदम का उद्देश्य विनिर्माण को भारत में बढ़ावा देना है। हम इसका स्वागत करते हैं। यह एक सकारात्मक फैसला है।
आयातित सामान अब बेचा नहीं जाएगा
मंत्रालय की ओर से कहा गया है कि एक शर्त के साथ आयात की अनुमति दी जाएगी कि आयातित सामान का उपयोग केवल बताए गए उद्देश्यों के लिए किया जाएगा ना कि बेचा जाएगा। इसके अलावा शर्त में यह भी शामिल है कि इस्तेमाल के बाद उत्पादों को नष्ट कर दिया जाएगा या फिर से निर्यात किया जाएगा।